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कुंडली मिलान

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कुंडली मिलान: सुखी दांपत्य जीवन का मार्ग

विवाह से पहले कुंडली मिलान या गुण मिलान भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। यह केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि दो व्यक्तियों के बीच मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुकूलता को समझने का एक प्राचीन विज्ञान है। कभी-कभी कम गुण मिलने पर परिवार चिंतित हो जाते हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुण मिलान अंतिम निर्णय नहीं है, बल्कि यह एक मार्गदर्शिका है। यह आपको बताता है कि आपके रिश्ते के कौन से पक्ष मजबूत हैं और किन क्षेत्रों में आपको अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। यह भाग्य का फैसला नहीं करता, बल्कि आपसी समझ को गहरा करता है। सही मार्गदर्शन और प्रयासों से, कम गुण मिलने पर भी दांपत्य जीवन को सुखद बनाया जा सकता है। कुंडली मिलान आपके रिश्ते के लिए एक मित्र की तरह है, जो आने वाली चुनौतियों के प्रति आपको पहले से सचेत करता है और प्रेम को मजबूत बनाने में मदद करता है।

कुंडली मिलान क्या है - मित्र या समस्या?

कुछ लोगों को लगता है कि कुंडली मिलान प्रेम विवाह में बाधा बन सकता है। लेकिन अनुभवी ज्योतिषियों का मानना है कि यह बाधा नहीं, बल्कि एक सहायक उपकरण है। जैसे एक नक्शा हमें सही रास्ता दिखाता है, वैसे ही कुंडली मिलान रिश्ते की दिशा निर्धारित करने में मदद करता है। जन्म तिथि और नाम के आधार पर कुंडली मिलान से रिश्ते की खूबियों और कमियों का पता चलता है। यह प्रेम को रोकता नहीं है, बल्कि उसे मजबूती प्रदान करता है। जब वर-वधू को पता होता है कि भविष्य में क्या चुनौतियां आ सकती हैं, तो वे उनका सामना बेहतर ढंग से कर सकते हैं। अतः कुंडली मिलान एक ऐसा माध्यम है जो जोड़े को स्पष्टता और विश्वास के साथ जीवन की शुरुआत करने में सहायता करता है।

कुंडली मिलान प्रक्रिया में क्या होता है?

कुंडली मिलान या गुण मिलान वह प्रक्रिया है जिसमें ज्योतिषी वर और वधू की जन्म कुंडली का तुलनात्मक अध्ययन करते हैं। यह अष्टकूट मिलान जैसे प्राचीन सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें 36 गुणों का मिलान किया जाता है। इसमें ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र और राशियो का विश्लेषण किया जाता है। सबसे पहले, जन्म तिथि, समय और स्थान के आधार पर कुंडलियां बनाई जाती हैं। फिर दोनों कुंडलियों का मिलान करके एक स्कोर (गुण) दिया जाता है। लेकिन यह केवल अंकों का खेल नहीं है। विशेषज्ञ ज्योतिषी कुंडली के अन्य योगों और दोषों (जैसे मांगलिक दोष) का भी विश्लेषण करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उचित उपाय भी बताते हैं।

कुंडली मिलान के 8 कारक (अष्टकूट मिलान) कौन से हैं?

विवाह के लिए अष्टकूट मिलान में आठ प्रमुख कारकों का विश्लेषण किया जाता है, जिनका कुल योग 36 गुण होता है:

🪐 वर्ण (1 गुण)

यह वर-वधू के आध्यात्मिक और मानसिक विकास का मिलान करता है। यह एक-दूसरे के विचारों के प्रति सम्मान और अहंकार के टकराव को समझने में मदद करता है।

🔱 वश्य (2 गुण)

यह एक-दूसरे के प्रति आकर्षण और नियंत्रण को दर्शाता है। इससे पता चलता है कि कौन किस पर कितना प्रभाव डालेगा और क्या उनके बीच प्रेम बना रहेगा।

⭐ तारा (3 गुण)

यह भाग्य और स्वास्थ्य का सूचक है। तारा मिलान से पता चलता है कि विवाह के बाद दोनों का स्वास्थ्य और भाग्य एक-दूसरे को कैसे प्रभावित करेगा।

🔔 योनि (4 गुण)

यह शारीरिक और यौन अनुकूलता को मापता है। सुखी वैवाहिक जीवन के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आपसी अंतरंगता और संतुष्टि को दर्शाता है।

🧭 ग्रह मैत्री (5 गुण)

इसे राश्याधिपति भी कहते हैं। यह मानसिक मित्रता और आपसी समझ को दर्शाता है। अगर यह अच्छा है, तो पति-पत्नी के बीच अच्छी दोस्ती और तालमेल रहता है।

🌕 गण (6 गुण)

यह स्वभाव और व्यवहार के मिलान को दर्शाता है। यह तीन प्रकार का होता है - देव, मनुष्य और राक्षस। समान गण होने पर विचार और स्वभाव आसानी से मिलते हैं।

🐚 भकूट (7 गुण)

इसे राशि कूट भी कहते हैं। यह भावनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक सुख-समृद्धि को दर्शाता है। यह प्रेम और दीर्घकालिक संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

🪔 नाड़ी (8 गुण)

यह अष्टकूट मिलान में सबसे महत्वपूर्ण है। यह स्वास्थ्य, संतान और वंश वृद्धि से संबंधित है। नाड़ी दोष होने पर विवाह में कई बाधाएं आ सकती हैं।

ऑनलाइन कुंडली मिलान सेवा कैसे प्राप्त करें?

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चरण 1: एक विश्वसनीय ज्योतिष वेबसाइट जैसे AstroTalk चुनें जो सटीक परिणाम प्रदान करती हो।

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चरण 2: वर और वधू दोनों का जन्म विवरण (तारीख, समय और स्थान) एकत्र करें।

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चरण 3: ऑनलाइन कुंडली मिलान फॉर्म में विवरण दर्ज करें।

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चरण 4: कुछ ही सेकंड में आपको अपनी अनुकूलता रिपोर्ट मिल जाएगी।

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चरण 5: यदि आपको जन्म समय नहीं पता, तो कुछ साइटें नाम से मिलान की सुविधा भी देती हैं।

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चरण 6: अधिक स्पष्ट जानकारी के लिए आप विशेषज्ञ ज्योतिषियों से बात या चैट कर सकते हैं।

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चरण 7: ज्योतिषी आपको आवश्यक उपाय और विवाह का शुभ मुहूर्त भी बता सकते हैं।

निष्कर्ष

कुंडली मिलान एक सफल और खुशहाल वैवाहिक जीवन की नींव रखने में मदद करता है। यह केवल गुणों का मिलान नहीं है, बल्कि दो आत्माओं का मिलान है। चाहे आप ऑनलाइन मिलान करें या किसी ज्योतिषी से परामर्श लें, इसका उद्देश्य आपके रिश्ते को मजबूत बनाना है। सही मार्गदर्शन और उपायों से कुंडली के दोषों को दूर किया जा सकता है। इसलिए, कुंडली मिलान को एक सकारात्मक कदम के रूप में देखें जो आपको एक बेहतर भविष्य की ओर ले जाता है।

Frequently Asked Questions

Q. सफल विवाह के लिए कम से कम कितने गुण मिलने चाहिए?

परंपरागत रूप से, एक अच्छे विवाह के लिए 36 में से कम से कम 18 गुणों का मिलना आवश्यक माना जाता है। हालांकि, कई बार कम गुणों के बावजूद भी आपसी प्रेम और समझ से विवाह सफल होते हैं।

Q. कुंडली मिलान में सबसे महत्वपूर्ण कारक कौन से हैं?

कुंडली मिलान में भकूट (7 गुण) और नाड़ी (8 गुण) को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि ये भावनात्मक जुड़ाव और वंश वृद्धि से संबंधित हैं। इसके अलावा ग्रह मैत्री और गण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Q. क्या कुंडली न मिलने पर भी विवाह हो सकता है?

जी हाँ, कुंडली न मिलने पर भी विवाह हो सकता है। यदि वर-वधू के बीच प्रेम और समझ है, तो ज्योतिषीय उपायों के माध्यम से दोषों को कम किया जा सकता है। विस्तृत विश्लेषण के लिए किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह लेना बेहतर होता है।

Q. क्या ऑनलाइन कुंडली मिलान सटीक होता है?

ऑनलाइन कुंडली मिलान गणितीय गणनाओं के आधार पर सटीक परिणाम देता है। लेकिन सूक्ष्म विश्लेषण और परिहार (उपायों) के लिए अनुभवी ज्योतिषी का परामर्श लेना अधिक लाभदायक होता है।

Q. क्या मांगलिक दोष होने पर विवाह टूट जाता है?

नहीं, ऐसा जरूरी नहीं है। मांगलिक दोष के कई परिहार होते हैं। यदि कुंडली का ठीक से मिलान किया जाए और उपाय किए जाएं, तो मांगलिक व्यक्ति भी सुखी वैवाहिक जीवन व्यतीत कर सकता है।

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